
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के बीच अदालत ने रेत के अवैध परिवहन के एक मामले में दो आरोपियों को सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश, खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, बिलासपुर की अदालत ने दोनों आरोपियों को 1 साल के कठोर कारावास के साथ कुल 26 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।

मामला 16 अक्टूबर 2025 का है। खनिज विभाग की कार्रवाई में जलेश्वर कश्यप निवासी खैरा डगनिया और अमर कुमार केंवट निवासी चोरहादेवरी को ग्राम खैरा डगनिया में जगशाला के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली क्रमांक CG 10 AK 0553 से रेत का अवैध परिवहन करते पकड़ा गया था। वाहन को सीपत पुलिस की अभिरक्षा में रखा गया और आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

66 मामलों में दर्ज हुई एफआर
कलेक्टर के निर्देश पर 15 जून 2025 से जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया। खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई में 66 मामलों में एफआर दर्ज की गई। इन मामलों में कोटा, रतनपुर, सीपत, सिविल लाइन, सरकंडा, मस्तूरी, पचपेड़ी, चकरभांठा और हिर्री थाना क्षेत्रों में कार्रवाई की गई। सभी मामले न्यायालय में प्रक्रियाधीन हैं।

30 सितंबर को आया फैसला
इसी क्रम में 30 सितंबर 2026 को अदालत ने जलेश्वर कश्यप और अमर कुमार केंवट को भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) सहपठित धारा 3(5) के तहत 1 साल के कठोर कारावास और 1,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अलावा खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 4(1), 4(1क) और 21 के तहत 25,000 रुपये का अतिरिक्त अर्थदंड लगाया गया।
खनिज विभाग का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से अवैध उत्खनन और परिवहन करने वालों में कानून का भय पैदा होगा और ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
