
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में बस एजेंटों से रंगदारी मांगने और विरोध करने पर मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप एक हिस्ट्रीशीटर और उसके साथियों पर है। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बस को रोककर यात्रियों के सामने एजेंटों के साथ मारपीट करते हुए आरोपी नजर आ रहा है। मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक, शरद कश्यप और सैफी गौरी बस एजेंट का काम करते हैं। मंगलवार रात दोनों सीपत चौक के पास बस में सवारी बैठाने पहुंचे थे। इसी दौरान तिफरा निवासी हिस्ट्रीशीटर तारण निर्मलकर अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा।

सवारी बैठाने के बदले मांगी रकम
आरोप है कि तारण निर्मलकर और उसके साथियों ने दोनों एजेंटों से बस में सवारी बैठाने के बदले पैसे की मांग की। युवकों ने जब रकम देने से इनकार किया तो विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि हिस्ट्रीशीटर ने गाली-गलौज करते हुए दोनों की पिटाई कर दी और दोबारा बिना पैसे दिए काम करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
बस रोककर यात्रियों के सामने मारपीट
इस पूरी घटना का वीडियो अब सामने आया है। बताया जा रहा है कि बस में सवार किसी यात्री ने मोबाइल से वीडियो बनाया। वीडियो में आरोपी अपने साथियों के साथ एजेंटों को घेरकर गाली-गलौज और मारपीट करता दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद मामले को लेकर पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं।

पीड़ितों का आरोप- सामान्य धाराओं में कार्रवाई
पीड़ित युवकों ने सरकंडा थाने में शिकायत दी है। उनका आरोप है कि पुलिस ने मामले में सामान्य धाराओं के तहत कार्रवाई की, जबकि आरोपी की दबंगई और रंगदारी की शिकायत भी की गई थी। पीड़ितों का कहना है कि घटना के बाद वे डर के माहौल में हैं।

बस ऑपरेटरों से भी वसूली का आरोप
तारण निर्मलकर पर हाईटेक बस स्टैंड क्षेत्र में सक्रिय रहकर बस ऑपरेटरों और एजेंटों से रंगदारी वसूलने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। आरोप है कि वह एजेंटों पर अपने हिसाब से काम करने का दबाव बनाता है और विरोध करने पर मारपीट करता है।
पुलिस का क्या कहना है?
सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्य का कहना है कि युवकों ने रंगदारी मांगने और मारपीट की शिकायत की है। शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल सामने आए वीडियो और शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपी पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
