
बिलासपुर। प्रदेश में कथित झोलाछाप डॉक्टरों को लेकर चल रही बहस के बीच स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोई भी झोलाछाप डॉक्टर नहीं है। जो भी लोग काम कर रहे हैं, वे अपने-अपने स्तर पर प्रदेश के हित में काम कर रहे हैं। किसी भी व्यक्ति या उसके काम को अपमानित करने वाली भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

हालांकि मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि बिना लाइसेंस और नियम-कानून के विपरीत चिकित्सा कार्य करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि जहां भी बिना अनुमति इलाज, दवा वितरण या इंजेक्शन लगाने जैसी शिकायतें मिलेंगी, वहां जांच कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुराना मामला फिर चर्चा में
मंत्री के इस बयान के बाद बिलासपुर का एक मामला फिर चर्चा में आ गया है। कुछ समय पहले शहर में एक कथित अवैध चिकित्सक का वीडियो सामने आया था। वीडियो में वह मरीजों को दवा देते और इंजेक्शन लगाते नजर आया था। कैमरे पर उसने यह भी स्वीकार किया था कि उसके पास इलाज करने की वैध अनुमति नहीं है और वह नियमों के विपरीत चिकित्सा कार्य कर रहा है।
कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
अब स्वास्थ्य मंत्री के ताजा बयान के बाद लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ऐसे मामलों में स्वास्थ्य विभाग कितनी तेजी और प्रभावी ढंग से कार्रवाई करता है। साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि पहले सामने आए मामलों की जांच और कार्रवाई आखिर किस स्थिति में पहुंची है।
