Wednesday, February 18, 2026
Homeछत्तीसगढ़देश की प्रतिष्ठा एवं वैभव को पुनःस्थापित करने में स्वामी विवेकानंद की...

देश की प्रतिष्ठा एवं वैभव को पुनःस्थापित करने में स्वामी विवेकानंद की अहम भूमिका: अरूण साव

बिलासपुर। उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव आज शहर के विवेकानंद उद्यान में आयोजित राष्ट्रीय युवा दिवस एवं स्वामी विवेकानंद जयंती समारोह में शामिल हुए। समारोह का आयोजन विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी की बिलासपुर शाखा द्वारा किया गया। उन्होंने गार्डन में स्थापित स्वामी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें सादर नमन किया। श्री साव ने कहा कि भारत देश की प्रतिष्ठा और पुराने वैभव को वापस दिलाने में स्वामी विवेकानंद जी का महत्वपूर्ण योगदान है। स्वामी जी ने जाति, पंथ एवं संकीर्ण विचारों से उपर उठकर देशप्रेम एवं राष्ट्रीय एकता पर जोर दिया। जिससे प्रभावित होकर लाखों की संख्या में युवा अपने प्राणों की आहूति देकर देश को गुलामी की जंजीरों से आजाद कराया। समारोह की अध्यक्षता अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलपति श्री अरूण दीवाकर नाथ वाजपेयी एवं विशेष अतिथ के रूप में विधायक श्री सुशांत शुक्ला उपस्थित थे। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने इस अवसर पर भारत माता की आरती में शामिल होकर राष्ट्र स्वाभिमान यात्रा को रवाना किया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के जीवन पर आधारित उठो, जागो क्विज प्रतियोगिता की जानकारी युक्त पोस्टर का भी विमोचन किया।

मुख्य अतिथि की आसंदी से उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी के विचार आज अधिक प्रासंगिक हैं। उनके विचारों को मूर्त रूप मंे परिवर्तित कर हम भारत को विश्व में अग्रणी देश बना सकते हैं। उनके विचारों में आत्म कल्याण के साथ-साथ विश्व कल्याण की भावना निहित है। उनका जन्म 1863 में ऐसे समय पर हुआ जब देश हजारों सालों की गुलामी के कारण आध्यात्मिक रूप से कमजोर हो चुका था। स्वामी जी ने शिकागों की धर्मसभा में अपने अभूतपूर्व भाषण से सनातम धर्म की पताका फहरायी। भारतीय मूल्य एवं अध्यात्म की ओर सबका ध्यान आकृष्ट किया। अध्यक्षता करते हुए कुलपति श्री अरूण दीवाकर नाथ वाजपेयी ने स्वामी विवेकानंद जी के जीवन की कई पहलुओं को उजागर किया। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में वो ताकत है कि पूरे विश्व को जोड़ सकती है। स्वामी जी को युवाओं पर अपार स्नेह और विश्वास था। युवा ही प्रधानमंत्री जी की अपेक्षा के अनुरूप देश को वर्ष 2047 तक विकसित एवं ताकतवर बना सकते हैं। विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने कहा कि भारत देश सुशासन के नये आयाम गढ़ रहा है। अयोध्या में रामलला की स्थापना से देश को सांस्कृतिक आजादी पुनर्स्थापित हो रही है। समारोह में डॉ. ओम माखीजा, राजकुमार सचदेव एवं डॉ. केडी देवरस ने भी विचार व्यक्त किए। डॉ. उल्हास वारे ने विवेक वाणी सुनाकर युवाओं को प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन श्री प्रतीक शर्मा ने किया। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष श्री रामदेव कुमावत, पूर्व महापौर श्री किशोर राय, नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष श्री राजेश सिंह ठाकुर संग बड़ी संख्या में युवा एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Posts