
बिलासपुर। बिलासपुर जिले के अंतर्गत भकुर्रा नवापारा स्थित द्वारिका प्रसाद शुक्ल उच्च माध्यमिक विद्यालय में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का आयोजन किया गया। यह परीक्षा लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ एवं जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर के दिशा-निर्देश पर आयोजित हुई। विद्यालय में इस परीक्षा के आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और आदर्शों से अवगत कराना तथा उनमें अच्छे संस्कारों का विकास करना था।

परीक्षा में कक्षा 5वीं से 8वीं तक के कुल 370 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने पूरे मनोयोग से प्रश्नों का उत्तर देकर अपनी गहरी रुचि प्रदर्शित की। परीक्षा के माध्यम से उन्हें भारतीय संस्कृति के विविध आयाम जैसे — धर्म, दर्शन, साहित्य, कला, आचार-विचार, लोक परंपराएँ और जीवन मूल्य से जुड़ने का अवसर मिला।

विद्यालय के प्राचार्य रामजी राजपूत इस परीक्षा के प्रेरणा स्रोत रहे। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की परीक्षाएँ केवल ज्ञानवर्धन ही नहीं करतीं, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिकता, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे गुण भी विकसित करती हैं। इससे बच्चों में भारतीय सभ्यता और संस्कृति के प्रति गर्व की भावना जागृत होती है।

परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में विद्यालय के मिडिल स्कूल प्रभारी मोतीलाल पहाड़ी की विशेष भूमिका रही। साथ ही शिक्षकगण — कामता कौशिक, देवीलाल पटेल, दीपक साहू, श्वेता उपाध्याय, देवी साहू, देव प्रसाद साहू, रमेश घृतलहरे आदि ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके सहयोग और मार्गदर्शन से परीक्षा अनुशासनपूर्वक और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकी।
संस्था का यह प्रयास विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास की दिशा में एक सराहनीय कदम माना जा रहा है। इस परीक्षा ने विद्यालय परिसर को एक सकारात्मक और प्रेरणादायी माहौल प्रदान किया, जहाँ विद्यार्थी केवल अकादमिक पढ़ाई तक सीमित न रहकर अपने सांस्कृतिक मूल्यों की भी गहन समझ प्राप्त कर सके।
