
बलौदाबाजार। अस्पताल में इलाज कराने पहुंचने वाले मरीज बेहतर सुविधा और सुरक्षा की उम्मीद करते हैं, लेकिन बलौदाबाजार जिले के कसडोल क्षेत्र से सामने आई तस्वीरें स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं। आदिवासी बाहुल्य ग्राम पुटपूरा में एक पैथोलॉजी जांच केंद्र में कथित तौर पर मरीजों का इलाज किए जाने का मामला सामने आया है।

जानकारी के मुताबिक, सिरपुर स्टेट हाईवे के किनारे दुकाननुमा परिसर में पैथोलॉजी जांच केंद्र संचालित हो रहा है। आरोप है कि इसी परिसर में मरीजों को उपचार भी दिया जा रहा है। करीब 12×10 फीट के छोटे से कमरे में तीन तरफ बेंच लगी हैं और यहीं बुजुर्ग महिला-पुरुष मरीज बैठे नजर आते हैं।

बेंच पर बैठाकर स्लाइन चढ़ाने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि मरीजों को इसी कमरे में बेंच पर बैठाकर स्लाइन चढ़ाई जाती है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो सवाल उठता है कि क्या पैथोलॉजी जांच केंद्र में मरीजों के उपचार की अनुमति है? क्या यहां उपचार के लिए जरूरी चिकित्सकीय सुविधाएं और सुरक्षा इंतजाम मौजूद हैं?
पंजीयन और योग्यता की भी होगी जांच
मामले में संबंधित व्यक्ति की चिकित्सकीय योग्यता, क्लिनिक संचालन का वैध पंजीयन और मरीजों के उपचार की अनुमति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि मामला ग्रामीण और वनांचल क्षेत्र से जुड़ा है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि यहां वास्तव में नियमों का उल्लंघन हो रहा था या नहीं।

मीडिया के जरिए मिली जानकारी
कसडोल ब्लॉक के प्रभारी ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि मामले की जानकारी उन्हें मीडिया के माध्यम से मिली है। मामले की जांच की जाएगी और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अब बड़ा सवाल यही है—क्या पैथोलॉजी जांच केंद्र में मरीजों का इलाज किया जा रहा था? अगर हां, तो किसकी अनुमति से? जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।
