
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक बार फिर दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। लैलूंगा थाना क्षेत्र के छापरपानी गांव में एक महिला और उसकी 10 महीने की मासूम बेटी की निर्मम हत्या कर दी गई। दोनों के शव खेत में बने बोर घर के भीतर खून से लथपथ मिले। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने भारी वस्तु से सिर और चेहरे पर हमला कर दोनों की जान ले ली।

घटना की सूचना मिलते ही लैलूंगा पुलिस, फॉरेंसिक टीम और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं और अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस के अनुसार, मृतका बरत कुमारी (40) के पति की करीब चार से पांच वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी थी। पति की मौत के बाद उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती थी। वह अपनी 10 महीने की बेटी परी के साथ गांव में इधर-उधर रहकर गुजर-बसर करती थी और अक्सर प्रहलाद बेहरा के खेत में बने बोर घर में रात बिताती थी।

बताया जा रहा है कि घटना से एक दिन पहले बरत कुमारी को सुकवास गांव से चावल लेकर लौटते हुए देखा गया था। अगले दिन सुबह गांव के ननकूराम जब बोर घर पहुंचे तो उन्होंने महिला को गंभीर रूप से घायल अवस्था में देखा। इसकी जानकारी तत्काल परिजनों को दी गई। मौके पर पहुंचे परिजनों ने देखा कि महिला के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें थीं, जबकि पास में उसकी 10 महीने की बेटी परी मृत अवस्था में पड़ी थी। बच्ची के सिर पर भी गहरे चोट के निशान मिले।

परिजन घायल महिला को इलाज के लिए अस्पताल लेकर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद यह मामला दोहरे हत्याकांड में बदल गया।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनील सोनी ने बताया कि शुरुआती जांच में भारी वस्तु से हमला किए जाने के संकेत मिले हैं। हत्या के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है और जल्द ही मामले का खुलासा करने का दावा कर रही है।

गौरतलब है कि इससे पहले 15 जुलाई को धरमजयगढ़ क्षेत्र में जमीन विवाद के चलते एक बुजुर्ग दंपती की हत्या कर उनके शव को जलाने का मामला सामने आया था। लगातार सामने आ रही इन दोहरी हत्याओं ने जिले में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
